
प्रारंभिक जीवन और परिवार
सलमान ख़ान का पूरा नाम अब्दुल राशिद सलीम सलमान ख़ान है। उनका जन्म 27 दिसंबर 1965 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनके पिता सलीम ख़ान हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध पटकथा लेखक रहे हैं। सलीम–जावेद की जोड़ी ने ‘शोले’, ‘दीवार’, ‘ज़ंजीर’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों की पटकथा लिखकर भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी। सलमान की माता सुशीला चरक, जिन्हें अब सलमा ख़ान के नाम से जाना जाता है, एक गृहिणी हैं। सलमान के परिवार में उनके भाई अरबाज़ ख़ान और सोहेल ख़ान, तथा बहनें अलवीरा ख़ान और अर्पिता ख़ान हैं।
सलमान ख़ान का बचपन एक ऐसे माहौल में बीता जहाँ सिनेमा, कला और रचनात्मकता हर समय मौजूद रहती थी। हालांकि वे शुरू से ही अभिनेता बनने के लिए गंभीर नहीं थे, लेकिन फिल्मी माहौल ने उनके व्यक्तित्व को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
शिक्षा और शुरुआती रुचियाँ
सलमान ख़ान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के सेंट स्टेनिस्लॉस हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, मुंबई में दाख़िला लिया, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं की। कॉलेज के दिनों में सलमान को खेल-कूद और फिटनेस में गहरी रुचि थी। जिम जाना, बॉडी बनाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना उनकी आदतों में शामिल था, जो आगे चलकर उनकी फिल्मों में भी दिखाई दी।

फ़िल्मी करियर की शुरुआत
सलमान ख़ान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1988 में फिल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’ से की, जिसमें उन्होंने सहायक भूमिका निभाई। हालांकि इस फिल्म से उन्हें विशेष पहचान नहीं मिली, लेकिन अगले ही साल 1989 में आई फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई।‘मैंने प्यार किया’ में सलमान का किरदार प्रेम आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि सलमान को फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड भी दिलाया।
करियर में उतार-चढ़ाव
2000 के शुरुआती वर्षों में सलमान ख़ान के करियर में कुछ उतार-चढ़ाव आए। इस दौरान उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। साथ ही उनका नाम कई विवादों में भी घिरा रहा, जिससे उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।हालांकि इस दौर में भी उन्होंने ‘तेरे नाम’ (2003) जैसी फिल्म की, जिसने उनके अभिनय को नई पहचान दी। इस फिल्म में राधे का किरदार आज भी उनके सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है।
अभिनय शैली और स्टारडम
सलमान ख़ान की सबसे बड़ी ताकत उनका मास अपील है। वे जिस भी फिल्म में होते हैं, दर्शक सिर्फ उनकी मौजूदगी के लिए टिकट खरीद लेते हैं। उनका संवाद बोलने का अंदाज़, बॉडी लैंग्वेज और दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस उन्हें बाकी अभिनेताओं से अलग बनाता है।हालांकि आलोचक कई बार उनके अभिनय को सीमित बताते हैं, लेकिन उनके प्रशंसकों के लिए सलमान का स्टाइल ही उनकी पहचान है।

टेलीविज़न करियर – बिग बॉस
सलमान ख़ान ने टेलीविज़न की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वे लोकप्रिय रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ के सबसे सफल और चर्चित होस्ट रहे हैं। उनकी होस्टिंग शैली, कंटेस्टेंट्स को समझाने का तरीका और कभी-कभी सख्त रवैया दर्शकों को खूब पसंद आता है। ‘बिग बॉस’ ने उनकी लोकप्रियता को और भी बढ़ा दिया।
समाज सेवा
सलमान ख़ान सिर्फ पर्दे पर हीरो नहीं हैं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी वे समाज सेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने ‘Being Human’ नाम से एक चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की, जो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों की मदद करता है। इस संस्था के माध्यम से कई गरीब बच्चों की पढ़ाई और बीमार लोगों का इलाज संभव हो पाया है।
निजी जीवन और विवाद
सलमान ख़ान का निजी जीवन हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहा है। उनके रिश्ते, ब्रेकअप और कानूनी विवाद अक्सर चर्चा का विषय बने। हालांकि इन सबके बावजूद उनकी लोकप्रियता में कोई खास कमी नहीं आई। उनके प्रशंसक आज भी उन्हें उतना ही प्यार करते हैं।
पुरस्कार और सम्मान
सलमान ख़ान को उनके करियर में कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड्स, स्टारडस्ट अवॉर्ड्स सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाज़ा गया है। हालांकि वे अवॉर्ड्स से ज्यादा दर्शकों के प्यार को महत्व देते हैं।